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Preeti Kumari

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Quote by Preeti Kumari - EXPECTATIONS - does it really hurts?

Yes, it really hurts when they don't treat you the way you had treated them. 
It really hurts when you overshare and they say   their's  little personal can't tell.
It hurts when you prioritize them above all and keep your down,
And their's not giving a damn attitude everytime really makes you look frown
But you know what really hurts the most
You have always care about their emotion and how they will take it 
But at their time they just say areyy that was unintentional that's it. 
It really hurts because they never told you to be like this....
So the reason aren't 'they' , it's just you and your expectations.....

                                                                  ~ PREETI ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - वो लड़की अब जिम्मेदार बनती जा रही है जो कभी मनचली, चुलबुली और  बेपरवाह रहा करती थी।
उस चुलबुली लड़की से कभी  मोहब्बत हुई थी मुझे जो अब गहरे इश्क़ में तबदील हो चुका है।
उसकी नादानियाँ जो मेरे अना को बार बार कुचलती थी,
फिर भी वह इठलाती हुई लड़की मुझे अपनी सी लगती थी।
अब तो मानो वो लड़की कहीं खो सी गई है,
घर दफ्तर और रिश्तों की बस हो सी गयी है ।
दूसरों की खुशी ऊपर रखते- रखते  खुद को तो मानो भुल ही जाती है,
और जब शुक्रिया करो तो ये सब  करने को महज़ अपना फर्ज बताती है ।
खाने में नमक से रिश्तों की चमक वो अब सब संभालती है,
पर मेरी नज़र आज भी उसमें वही अल्हड़ , चुलबुली लड़की  को तलाशती हैं ।
जिसे खुद को एहमियत देना कभी खुदगर्ज़ी ना लगी,
वही इतराती, इठलाती हुई लड़की मुझे हमेशा अपनी सी लगी।
जो शायद मुझसे बँधकर मेरी तो हो चुकी है,
पर खुद को तो मानो खो ही चुकी हैं।

                                                              ~प्रीति ✍

       - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Quote by Preeti Kumari - तुम्हारे दिल में इतनी शिकायते है ये आज पता चला 
अगर इतना सब था कहने को तो पहले क्यूँ नहीं कहा।
 मैं यहाँ खुद को रोज तुम्हारे लिए ही घिस रहा हूँ,
काश तुम भी कभी समझ पाती कि जिंदगी की भागा- दौड़ी में रोज कैसे पीस रहा हूँ।
मैं अपने सपनों के पीछे भाग हमारे ही बेटर फ्यूचर का सोच कर रहा था,
पर मुझे कहाँ पता था कि इन सब में मैं तुमको खो रहा था।
मेरी भी तमन्ना रहती है कि जब मैं थक के आऊँ शाम को तो कुछ पल पास में बैठो तुम लेके चाय और चेहरे पे एक प्यारी सी मुस्कान,
पर तुम्हारे उदास, थके,बेज़ार चेहरे को देख मैं भी समझ जाता हूँ कि जिंदगी की भागा-दौड़ी तुम्हे भी कर रही होगी उतनी ही परेशान।
अच्छा ये बताओ, मैंनें कब तुम्हे और तुम्हारे सपनों को भी बढ़ावा नहीं दिया,
जो तुमने मेरे प्यार को अब बस एक दिखावा समझ लिया।
तुम कहती हो मुझे तुम्हारी अब फ़िक्र नहीं है,
अरे पगली! मेरी ऐसी कहानी ही नही है, जिसमें तुम्हारा ज़िक्र नहीं है।
सुनो, इस रिश्ते में तुम उतनी ही हो जितना की मैं हूँ,
तो आगे से ये सब सोचने से पहले ये याद रखना कि अगर ये रिश्ता मुझसे हैं तो मैं तुमसे  ही हूँ।।
                                                                          ~प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - हाँ, मैं अब तुमसे अपना हाल-ए- दिल बयां नहीं कर पाती हूँ ,
अपने ज़ज्बात तुम्हे नहीं समझा पाती हूँ ।
क्योंकि तुम शायद मेरी अब सुनना ही नहीं चाहते,
खुद को एक बार किनारे कर हम पर काम करना ही नही चाहते।
तुम्हे लगता है, मुझे बहुत सी शिकायतें है तुमसे 
अच्छा ये बताओ क्या इस रिश्ते में सारी उम्मीदें है सिर्फ मुझसे।
हाँ चलो मान लिया तुम भी कभी-कभी कर लेते होगे मेरी फ़िक्र 
तो तुम्हारे किस्सों में क्यों नहीं रहता है  आजकल मेरा ज़िक्र।
तुम्हारे लिए मुझसे भी जरुरी अब बहुत सी चीजें और है,
ये हमारे रिश्ते का कैसा अनचाहा दौर है।
जहाँ रोज तुम अपने सपनें और मैं तुम्हारे पीछे भाग रही हूँ,
और ये सब करते हुए मैं धीरे-धीरे खुद से ही दूर होती जा रही हूँ।
मेरे मैं में भी हम और तुम्हारे हम में भी तुम्हारा हिस्सा ज्यादा होता है,
हमेशा लड़की को ही समझौता करना पड़े क्या हर इश्क़-ए-दास्ताँ में ऐसा ही होता हैं।
                                                             ~ प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - आज फिर एक दास्तां अधुरी रह गई,(2)
ना वफ़ा पीछे हटी और ना अना आगे आई ।
बस बाप की इज्ज़त के लिए बेटी अपनी मोहब्बत फ़ना कर आयी।
जब ये सब शुरु हुआ था तो किसने ये सोचा था कि रिश्ता नाकाम ये होगा,
आगे जा के हमारे रिश्ते का अंजाम ये होगा।
सजदे सर तो तब झुका जब लड़के ने कहा कि मुझे तुमसे कोई शिक़ायत नहीं।
बस नये रिश्तों में उलझकर खुद को मत खो देना दी हिदायत यहीं।
 तो क्या हुआ जो आज से हमारे राश्ते अलग है,(2)
जो अपनी ही मोहब्बत की मजबुरी ना समझू ये भी तो गलत है।
तुमने माँ-बाप और मुझमे माँ-बाप को चुना है,
इस फैसले पर तुम अफ़सोस करो,ऐसा ना कोई तुमने करा गुनाह है।
मेरे बारे में सोच-सोच कर अब और आँसू न बहाना,
तुम्हारे जैसी मेरी भी एक बेटी हो,
जाते-जाते बस ये दुआ करती जाना।।
                                                                       ~ प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Quote by Preeti Kumari - मैनें अच्छी और पक्की दोस्ती को भी अपनी आँखों के सामने मौज-मस्ती से मर्घट तक का सफ़र तय देखा है।
 जिनसे सबसे ज्यादा और बिना किसी झिझक के सारी बातें बोल देते थे।
  अब उनसे ही बात करने के लिए वज़ह और बर्थडे डेटस का वेट करतें है।
लेकिन वहां भी बातें शुभेच्छा और शुक्रिया पे खत्म हो जाती हैं।
और दोस्ती की इस दुर्गति में गलती दुसरे पक्ष की ही नजर आती हैं।
कभी बिज़ी लाइफ, कभी नये शहर, तो नौकरी और पढ़ाई  का बहाना होता है हमारे पास,
इन सब में हम क्या खो रहे इसका नही होता है हमें उस वक्त एहसास।
फिर इन सब से थोड़ी फुर्सत मिले तो अना बीच में आ जाती है,
हमेशा मैं ही क्यूँ रिश्तों की सोचूं,ये ख्याल अच्छी से अच्छी दोस्ती को खा जाती है।
अगर मैं नहीं आ पाती तो वो ही मिलनें आ जाती ये दोनों के दिमाग में आ जाता है,
शायद नये दोस्तों में अब उसे मेरी जरुरत नहीं,ये दिल में घर कर जाता हैं।
ज़िन्दगी के इस भाग-दौड़ में स्वार्थ और सहुलियत के हिसाब से नये- नये दोस्त बनते रहते हैं,
लेकिन अपने उन पुराने और सच्चे दोस्तों को खोने के गम भी हमेशा साथ रहते हैं।
गेट टुगेदर का प्लान फिर शायद ही कभी सफ़ल हो पाता है,
और तब तक तो वो दोस्त अज़ीज से एक बार फिर अज़नबी बन जाता हैं।
                                                        ~ प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Quote by Preeti Kumari - वैसे तो बहुतों के तोहफ़े आए, पर इन्तज़ार किसी खास का था 
और मेरे लिए वो क्या है  उसका उसे  एहसास भी था ।
मेरी ही पार्टी में वो मुझे छोड़ मेरे दोस्तों से मिल रहा था, और मुझे बस दूर से ही लगातार देख रहा था।
सबसे मिलने के बाद आखिर में वो हाथ पीछे कर मेरी तरफ़ आगे बढ़ रहा था।
ऐसा भी  मेरे लिए वो क्या लाया था, जो वो मुझसे ही छुपा रहा था।
फिर वो धीरे से हाथ आगे करता है और झूमका आगे कर कुछ यूँ मुझसे कहता है ,
वैसे तो तुम्हारी खुबसूरती इसकी मोहताज नहीं ,
ये बात किसी के लिए अब राज़ नही ।
तब भी एक बार इनको अपने कानों पे सजा लेना,
ये और भी खुबसूरत हो जाएंगे , यकिन न हो तो आज़मा लेना। 
यकिनं मेरे गाल उस वक्त शर्म से लाल हो रहे होंगे ,
और मेरी दबी हुई हसीं और झुकी नज़र उसके मन से जरुर कुछ सवाल कर रहे होंगे।
फिर मैं अपनी खुशी सबसे छुपाती हुई उसे बस शुक्रिया ही कह पाती हूँ,
और आज फिर उसके लिए जो दिल में है,वो जुबां तक नहीं ला पाती हूँ।
पार्टी खत्म होते ही मैं दौड़ कर अपने कमरे में जाती हूँ,
और सबसे पहले उसके दिये झूमके अपने कानो में लगाती हूँ और थोड़ा खुद में ही गुनगुनाती हूँ।
मेरे लिए ये जन्मदिन हमेशा खास रहेगा,
उसका दिया हुआ यह पहला  तोहफ़ा मेरे दिल के हमेशा पास रहेगा। 
                                                                                ~प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - कभी भीड़ में यूँ ही हाथ थाम लेते  है, 
तो कभी कहने भर से ही सारी  ख्वाइशें पूरी  कर देते हैं।
कभी गर्मियों में शीतल हवा और कभी सर्दियों  की मीठी धूप है वो, 
ये पिता हैं जनाब भगवान का ही दुसरा रुप है वो।
वे खुद हजारों चिंता और समस्याओं से घिरें रहते हैं ,
लेकिन तुमसे बेपरवाह रहने को कहतें हैं।
ये पिता है जनाब तुम्हारे लिए सब कुछ करते हैं ।
तुम्हरा बस कोई एक  ज़िक्र करे और वो तारीफों के पुल बांध देते हैं ,
वो पिता है जनाब अपने बच्चे तो उनको परफ़ेक्ट ही लगते हैं।
प्यार तो बेपनाह करते हैं अपने बच्चों से पर,
पिता हैं ना जनाब इसलिए  इज़हार नहीं करते।
उनके होने से ही ये दुनिया इन्द्रधनुष सी रंगीन है,
अपने बच्चों के लिए तो मानो अलादीन का जिन्न  हैं ,
वो पिता हैं जनाब उनके बिना तो इस दुनिया की कल्पना भी कठिन है।
                                                            ~प्रीति ✍
                                                                   - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - It's not easy to be real,
And pretend to not to fear...
It's not easy to choose to act bravery,
When someone is offering you a luxurious slavery!!
It's not easy to be solely responsible for all your wrong decision ,
But what about the feeling of being in someone's prison .
It's not easy to act bold,
But better than thought of being controlled.. 
It's not easy to look greedy sometime,
But you can't be good girl all the time ....
                                  
                                        ~PREETI ✍
                 - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - उसके भोलेपन में छलकती है उसकी सादगी ,
अपने ही श्रम का नही रख पाती है वो हिसाब कागजी।
उसकी सरलता ही उसकी पहचान है ,
एक गृहणी के लिए आपके मन में आखिर कितना सम्मान हैं।
सबका ख्याल रखना उसके मन को खुब भाता हैं,
आखिर में उसके नसीब में आराम कहाँ ही आ पाता है।
सास - ससुर,पति ,बच्चे सबका ध्यान रखते-रखते उसे खाने तक का होश नहीं रहता,
और फिर भी वे लोग तंज कसते तुमसे तो घर का एक काम नहीं संवरता।
घरवालों की ऐसी बातें उसे  कभी-कभी चुभ भी जाती हैं,
लेकिन फिर सब भुल वो वापस रात के खाने की तैयारी में लग जाती हैं।।....
                                         ~प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - आज मैने फिर कई साल बाद उसे अपने शहर में देखा।
लेकिन अब खींच चुकी थी हमारे बीच मर्यादा की एक अदृश्य रेखा।
दिल  कह रहा था दौड़ के उसके गले लग जाऊँ, दिमाग कह रहा था अब तो रुक जाऊँ।
उसकी आँखे , एकदम से सकपका जाना  और बंद ओंठ कुछ न कहते हुए भी बहुत कुछ बयां कर रहे थे।
 समय और उसके कदम दोनो ही तेजी से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन मैं मानो वही ठहर सी गयी थी।
हाँ,वही जहां मैं और वो नही बस हम थे।
 कॉलेज के वो दिन जहां खुशियाँ अनेक और गम कम थे।
हमारी कभी ना खत्म होने वाली बातें, सुबह मिलने के इन्तज़ार में ना कटने वाली वो लंबी रातें।
जहाँ जिन्दगी साथ बिताने का वादा था, मुकरने का ना कोई इरादा था।
विश्वास उसपे खुद से भी ज्यादा था, इकरार भी था, इज़्हार भी था, अब करने को इन्तज़ार भी था।
कॉलेज के बाद कैरियर बनाने उसका दुसरे शहर जाना हुआ।
 हमारे बीच दूरियाँ आने का  यह एक और बहाना हुआ।
फिर धीरे-धीरे बातें और मुलाकातें दोनो ही मानो खत्म हो गए।
और एक बार फिर से अब हम अजनबी हो गए ।
होर्न की आवाज मुझे वापस आज  में ले आयी।
उसने अपनी बीबी से मेरा परिचय कुछ यूं कराया।
 जैसे मेरा उसके अतीत में एक मामूली हिस्सा हो,
कभी ना हमारे बीच रहा कोई किस्सा हो।
फिर मैं अपनी यादों को और वो अपने रिश्ते को संभालते हुए अलग-अलग राश्ते पर चल पड़े।
आज  मैनें फिर  कई सालों बाद उसे अपने शहर में देखा..... 
                                                                        ~प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - कभी मुस्कुराती,चहचाती, खिलखिलाती  हुई लड़की
कभी उदास परेशान अपने ही जज्बातो में उलझ जाती है।।
कभी तो मानो उम्र से भी सयानी लगती है, तो कभी बचकानी  लगती है।
अपनी भावनाओं की डोर खुद ही सबको देती रहतीं है ,और फिर उनको अपना कहती फिरती है।।
जब वे उसकी इस डोर को जोर से खींचते है दिल उसका छलनी करते हैं।
फिर वो उनसे थोड़ा संभल जाती है ,
और अपने जज़बातो से बाहर निकल सयानी सी नजर आती हैं।।
उसे सफर में एक और नया अपना सा लगता है 
और फिर वो सब कुछ भुल वापस बचकानी बन जाती हैं।।
                                          ~ प्रीति✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - अकेलेपन में किसी का ख्याल चाहिए ,
भीड़ में अकेलापन चाहिए ।
जो है वो नहीं ,
जो नहीं है बस वो चाहिए ।
आज जो बीत रही हो, 
मगर फिक्र करने को कल चाहिए ।
पता नहीं ,
इस खानाबदोश को  आखिर क्या चाहिए ??

                                   प्रीति ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App
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Preeti Kumari
Quote by Preeti Kumari - We all grew up 

From choosing peace over party;
From choosing distance over disrespect  
From choosing let it go over let me show you 
From choosing to forgive over considering them foe.
We all grew up .
Now, people are more important than things.
Quite to listen others , not to talk next.
Try to communicate over counteract.
From giving explanation to all the Questions they had asked to realise not everyone deserve Your vibe.
We really grew up....

                                       -PREETI ✍ - Made using Quotes Creator App, Post Maker App